पोवारी स्वाभिमान

 पोवारी स्वाभिमान🙏


निज पहचान परा गर्व से स्वाभिमान,

निज सम्मान की रक्षा से स्वाभिमान।


पहचान लक़ नहाजन हमी अनजान, 

काय लाई सोडबीन आपरी पहचान।


गर्व से हमला आपरो पुरखा इन पर,

कसो मुरायबीन येला  नवो नाव धर।


सुवारथ को कारन  कसो बिके आन,

नही मिट सिकसे आपरो स्वाभिमान।


आपरी विरासत से  पोवारी अस्मिता,

पूजनीय से या जसो माता अन् पिता।


त्याग बलिदान की कृति स्वाभिमान,

कसो सोडबी हमरो समाज को मान।


जागो जागो ऊभो होनकी आई बेरा,

नाव मिटान वारो ला नोको देव डेरा।


आमरो पुरखा इनको नाव से धरोहर,

जगानो से पोवारी स्वाभिमान घर घर।


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✍🏻ऋषि बिसेन




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